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    (भाग -2) कुछ महत्वपूर्ण आध्यात्मिक विचार जिसे अपने जीवन मे अपनाने की कोशिश करे ( Some important spiritual thoughts that you should try to adopt in your life) :-


       आध्यात्मिक विचार –(Spiritual thoughts)

    बहुत छोटे - छोटे लेकिन आपकी जिंदगी बदल ने में बहुत कारगर  जरूर पड़े ----
                             (भाग - 2)

    1- चिंता चिता के समान है। – अज्ञात

    2- जीवन में सबसे खूबसूरत क्षण ऐसे क्षण होते हैं जब आप अपनी खुशी व्यक्त कर रहे होते हैं, न कि जब आप इसे चाह रहे होते हैं। – सध्गुरु

    3- जैसा मैं चाहूं वैसा ही हो जाए, जब तक यह इच्छा रहेगी , तब तक शांति नहीं मिल सकती। – अज्ञात

    4- धन-धान्य (अमीरी) से युक्त व्यक्ति की तुलना उस छोटी सी चींटी से भी नहीं की जा सकती जिसमे ईश्वर का प्रेम भरा है। – गुरु नानक देव

    5- जुवान एक तेज धार वाले चाकू के समान भी हो सकती है जो बिना खून बहाये किसी को भी मार सकती है। – गुरु नानक देव

    6- जो चिंता करता है वह दुखी है। जो चिंतन करता है वह सुखी है। – अज्ञात

    7- हज़ारों शब्दों से बढ़कर केवल एक ऐसा शब्द जो शांति लाये वो श्रेष्ठ है। – गौतम बुद्ध

    8- जो व्यक्ति अपनी शर्म खो चुका हैं वह वास्तव में खोया हुआ है। – अज्ञात

    9- बिना गुरु के कोई दूसरे किनारे पर नहीं जा सकता।  – गुरु नानक देव

    10- घमंड न करना ज़िन्दगी में क्योंकि तकदीर बदलती रहती है, शीशा वही रहता है बस तस्वीर बदलती रहती है। – चाणक्य

    11- अपने आप का सुधार आपको खुद ही करना होगा, दूसरे तो केवल आपको राह दिखा सकते हैं। – अज्ञात

    12- आप जो करना चाहते हैं वो जरूर करिये, यह मत सोचिये की लोग क्या कहेंगे, क्योंकि लोग तो तब भी कहेंगे जब आप कुछ नहीं करेगें। – ओशो

    13- ईश्वर का अलग से कोई अस्तित्व नहीं है, हर कोई सही दिशा में उचित प्रयास करके देव तत्व प्राप्त कर सकता है। भगवान महावीर

    14- यदि आप सिर्फ भविष्य के बारे में सोचते  रहेंगे तो वर्तमान भी खो देंगे। – गुरु गोविन्द सिंह

    15- दूसरों से नफरत करना, इर्षा करना बहुत आसान है, परन्तु प्रेम करना, सदभाव रखना मुश्किल। अच्छी चीज़ो को पाना बहुत मुश्किल होता है, परन्तु बुराई आसानी से प्राप्त हो जाती है। – कन्फ्यूशियस

    16- आपका मस्तिष्क भागने की कोशिश करता रहता है और उस अस्तर पर जाने का प्रयास नहीं कर रहा है जहाँ गुरु ले जाना चाहते हैं, तुमको उठाना चाहते हैं। – श्री श्री रविशंकर

    17- हमारे दिमाग में जन्मे विचार ही हमारी तकदीर लिखते हैं। – अज्ञात

    18- जब आप कुछ गवां बैठते हैं तो उससे प्राप्त शिक्षा का न गवायें। – दलाई लामा

    19- टोकरे खा कर भी न सम्भले तो मुसाफिर का नसीब। पत्थरों ने तो अपना फ़र्ज़ निभा दिया है। – अज्ञात

    20- आपका खुश रहना ही आपके दुश्मनो के लिए सबसे बड़ी सजा है। – चाणक्य

    21- सबसे बड़ा पाप ‘भय’
          सबसे बड़ी बाधा ‘अधिक बोलना’
          सबसे बुरी भावना ‘इर्ष्या’
          सबसे बड़ी भूल ‘समय की बर्बादी’
          सबसे खतरनाक ‘घृणा’
          सबसे विश्वसनीय ‘आपका हाँथ’
          कभी न वापस मिलने वाला ‘खोया सम्मान’

    22- मनुष्य स्वयं अपने भाग्य का निर्माता है।

    23- पूर्ण रूप से ईश्वर में समर्पित हो जाइये। – साईं बाबा

    24- समय कितना भी कठिन हो अपनी आस्था को कम न होने दें। भगवान जिससे अधिक प्यार करते हैं उन्हें ही अग्नि परीक्षाओं से होकर गुजारते हैं। – साई बाबा

    25- जो अग्नि हमें गर्मी देती है वही हमें जला भी सकती है लेकिन यह अग्नि का दोष नहीं है। – स्वामी विवेकानंद

    26- माफी मांगने का यह अर्थ नहीं की आप गलत है और सामने वाला सही ! इसका अर्थ है की आप रिश्तों की कीमत जानते हैं और निभाने की काबीलियत रखते हैं। – अज्ञात

    27- मन चंचल और सफेद कपड़े की भांति होता है, इसे जिस रंग में डुबाओगे इस पर वही रंग चढ़ जाएगा। – अज्ञात

    28- संभव की सीमा जानने का केवल एक ही तरीका है, असंभव से भी आगे निकल जाओ। – स्वामी विवेकानंद

    29- सभी धर्म समान है। किसी धर्म की कट्टरता इसको भिन्न नहीं कर सकती।  – अज्ञात

    30- असफलता का मौसम सफलता के बीज बोन के लिए सबसे अच्छा मौसम होता है। – परमहंस योगानंद जी

    31- बोलने के लिए शब्द मुफ्त में मिलते हैं, लेकिन आप जैसा प्रयोग करेंगे उसकी वैसी ही कीमत चुकानी पड़ेगी। – अज्ञात

    32- ईश्वर सरल है। बाकी सब कुछ जटिल है। –  परमहंस योगानंद जी

    33- जिसके पास जितना काम ज्ञान होगा वो अपने ज्ञान के प्रति उतना ही जिद्दी होगा। – ओशो

    34- जो धन, दूसरों की भलाई करने में मदत न कर सके तो ऐसे धन का कोई मूल्य नहीं। ऐसा धन सिर्फ बुराई का ढेर है, और और इससे जितना जल्दी छुटकारा मिल जाये उतना बेहतर है। – स्वामी विवेकानंद

    35- ईश्वर भक्ति में अमीर- गरीब का कोई महत्त्व नहीं है। – अज्ञात

    36- जो व्यक्ति पवित्र और साहसी है वो कुछ भी कर सकता है। – स्वामी विवेकानंद

    37- कहा जाता है कि धर्म के बिना इंसान लगाम के बिना घोड़े की तरह है। – सर्वपल्ली राधाकृष्णन

    38- हर आत्मा परमात्मा की ही अंश है और हर आत्मा का अंतिम लक्ष्य परमात्मा में मिल जाना है। – अज्ञात

    39- आपको अपने अंदर वो जगह खोजनी होगी जहाँ कुछ भी असंभव नहीं – दीपक चोपड़ा

    40- अगर खुद से बहस करोगे तो सारे सवालों के जबाब मिल जायेंगे।  यदि दूसरों से बहस करोगे तो नये सवाल खड़े हो जायेंगे। जब मनुष्य अपनी गलती का वकील और अन्य की गलती का जज बन जाता है तो फैसले नहीं फासले बन जाते हैं। – श्री राधेश्याम जी महाराज

    41- अपने गुरु में पूर्ण रूप से विश्वास करें. यही साधना है। – साई बाबा

    42- जो व्यक्ति शरीर से स्वस्थ नहीं होता, पर मन से कभी हार नहीं मानता, दुनिया की कोई ताकत उसे हरा नहीं सकती।  – चाणक्य

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